Rice Mill Business in Hindi 2021

By | February 18, 2021

Rice Mill Business in Hindi 2021

Rice Mill Business in Hindi 2021 /दोस्तों चूँकि चावल एक खाद्य पदार्थ है इसलिए बाजार में चावल की मांग हमेशा बनी रहती है। आप देश के किसी भी कोने में रह रहे हो तो आप Rice Mill Business शुरू करके लाखों रूपये महीने की कमाई कर सकते हैं। हमारा देश कृषि प्रधान देश है इसलिए चावल के व्यापार के लिए काफी प्रसिद्ध है। साथ ही भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश भी है इसके अलावा आपको ये भी पता होगा कि चावल का सेवन हर घर में किया जाता है।

अब हमें ये बताने की आवश्यकता नहीं है कि चावल किससे तैयार होता है सभी को पता है धान से ऊपर का छिलका निकाला जाता है और फिर चावल तैयार हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में चावल को धान से अलग करने के लिए अनेकों तरह की मशीनों का प्रयोग किया जाता है अनेकों विधियाँ अपनाई जाती हैं लेकिन अक्सर उन विधियों और मशीनों से चावल टूट जाया करता है जिससे चावल उत्पादक को काफी हानि का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब मार्किट में Mini Rice Mill Machine आने लगी हैं जिससे उत्पादक चावल का अच्छे से उत्पादन कर सकता है।

अब अगर आपको ये समझ में नहीं आ रहा कि Rice mill business शुरू करके हम Chawal ka wholesale business kaise kare, तो ये आर्टिकल आप पूरा पढ़िए क्योंकि जानकारी तो आपको कहीं न कहीं से लेनी ही पड़ेगी। यदि आप Rice Manufacturing Business start करते हो तो आपको चावल के अलावा धान से भूसी और चोकर या ब्रान भी प्राप्त होता है जिसे आप ग्रामीण किसानों को बेंच सकते हैं।

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Rice Mill क्या है ? (What is Rice Mill?)

दोस्तों आपको पता है कि हम धान से चावल को निकालते हैं और चावल का उत्पादन तभी होगा जब कोई उद्दमी धान से मशीनों के द्वारा चावल को अलग करेगा और मनुष्यों के लिए खाने के लिए बृहद मात्रा में उत्पादन करेगा इसलिए जब उद्दमी व्यावसायिक रूप से धान से चावल को निकालने के लिए Rice Mill Machine का प्रयोग करता है तो उसे हम राइस मिल कहते हैं।

दोस्तों rice milling एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे धान से चावल, भूसी और चोकर को अलग करके आकर्षक और चमकदार चावल तैयार किया जाता है यदि किसी विशेष क्षेत्र में कोई उद्दमी Rice Mill Plant लगाकर कमाई करना चाहता है तो कर सकता है।

बाजार में मांग (Market Potential)

यदि चावल के मांग की बात की जाय तो भारत में ऐसा कोई घर नहीं होगा जहाँ दिन में एक टाइम चावल का सेवन न किया जाता हो। आप इसी बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं की चावल की कितनी डिमांड है साथ ही आपको ये भी पता होगा कि भारत की लगभग 70 से 75 प्रतिशत आबादी का मुख्य भोजन चावल ही है। हमारे देश में बासमती चावल का उत्पादन बृहद स्तर पर किया जाता है इसके अलावा जिन देशों में चावल का उत्पादन नहीं होता है उन देशों में हम चावल का निर्यात करते हैं यानी उन्हें हम चावल भेजते हैं जैसे संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ईराक, ईरान, सऊदी अरब आदि।

कच्चा माल

दोस्तों चावल का उत्पादन करने के लिए आपको मुख्य रूप से धान की आवश्यकता होगी सबसे अधिक धान का उत्पादन भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में किया जाता है साथ ही भारत के कुछ अन्य राज्य भी हैं जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा इन सभी राज्यों में भी पर्याप्त मात्रा में धान का उत्पादन किया जाता है। वैसे उद्दमी को राइस मिल बिजनेस ऐसे जगह लगाना चाहिए जहाँ पर कच्चा माल आसानी से मिल जाये फिर भी अगर उद्दमी चाहे तो इन राज्यों से धान को मंगवाकर चावल का उत्पादन कर सकते हैं।

ध्यान रहे उद्दमी को धान तैयार होने के तुरंत पश्चात् खरीद लेना चाहिए और store कर लेना चाहिए क्योंकि धान तैयार होने के तुरंत बाद आपको सस्ते कीमत पर मिल जाता है जबकि देरी करने पर धान की कीमत बढ़ जाती है और आपको महंगे दाम पर खरीदना पड़ सकता है जिससे उद्दमी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मशीनरी एवं उपकरण (Rice mill manufacturing machine)

Rice Mill Machine

इस बिजनेस में जिन-जिन मशीनों की आवश्यकता होगी वो निम्नलिखित हैं-

  • Cleaning Machine
  • De-Stoning Machine
  • Husker Machine
  • Paddy Separator
  • Rice Whitening Machine
  • Polishing Machine
  • Grading Machine

इसके अलावा स्टोरेज टैंक, टेस्टिंग उपकरण, पैकिंग मशीन, वेइंग स्केल तथा पैकिंग के लिए अन्य सामग्री की भी आवश्यकता हो सकती है।

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चावल उत्पादन की प्रक्रिया (Rice Manufacturing Process)

बाजार में चावल मुख्यतः दो प्रकार से उपलब्ध रहता है एक पका हुआ चावल और दूसरा कच्चा चावल कच्चे चावल को सीधे धान से छिलका, चोकर हटाकर प्राप्त किया जाता है जबकि पके हुए चावल को उबालने के बाद छिलका हटाकर प्राप्त किया जाता है। पका हुआ चावल में उबालने और सुखाने की प्रक्रिया को छोड़कर बाकी दोनों की सभी प्रक्रियाएं सामान होती हैं। पके हुए चावल का प्रयोग उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों के कुछ भागों में किया जाता है। आइये दोस्तों अब जानते हैं की किस तरह से आप चावल का उत्पादन कर सकते हैं-

  • सबसे पहले क्लीनिंग मशीन से धान को साफ किया जाता है।
  • इसके बाद De-Stoning Machine से धान के अन्दर मौजूद छोटे-छोटे कंकड़-पत्थर को अलग किया जाता है।
  • फिर husking मशीन में धान डाला जाता है जो ऊपर का छिलका उतारने का काम करता है।
  • इसके बाद paddy separator मशीन से चावल को अलग और धान को अलग किया जाता है।
  • इसके बाद whitening मशीन से चावल के ब्राउन राइस की परत और रोगाणुओं के हिस्से को अलग किया जाता है।
  • फिर पोलिशिंग मशीन से चावल को पोलिश किया जाता है।
  • इसके बाद चावल के छोटे-बड़े टुकड़ों को ग्रेडिंग मशीन से अलग किया जाता है।
  • फिर पैकिंग करके मार्किट में भेज दिया जाता है।

जगह की आवश्यकता

Rice Mill Plant लगाने के लिए आपके पास कम से कम 2000 से 3000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होगी जिसमे आपके द्वारा खरीदी गई सभी मशीनें और धान तथा चावल रखने के लिए गोदाम होगा। साथ ही आपको ये ध्यान रखना है कि आप जिस जगह पर प्लांट लगाने जा रहे हैं वहां के आस-पास के क्षेत्रों में भरपूर मात्रा में धान की पैदावार हो, इसके अलावा आपका प्लांट ऐसे जगह हो जहाँ पर किसान आसानी से धान आप तक पहुंचा सकें और तैयार चावल को भेजने तथा धान को मंगाने के लिए आवागमन की सुविधा हो।

मशीनरी कहाँ से खरीदें

सबसे पहले तो आप अपने शहर में जाएँ और पता करें की क्या कोई Rice mill machine provide कर रहा है या नहीं। अगर कर रहा है तो आप उनसे सारी जानकारी ले सकते हैं कीमत के बारे में जान सकते हैं उस मशीन की प्रोडक्शन कैपेसिटी के बारे में पूंछ सकते हैं इसके बाद उसी टाइप की मशीन आप Indiamart.com की वेबसाइट पर भी सर्च करें और दोनों में comparison करें इसके बाद आपको जहाँ से अच्छा लगे वहां से मशीन खरीद लें।

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चावल उद्योग में लागत व मुनाफा (Profit in Rice Mill Business Plan)

दोस्तों Rice mill project में आपको तीन प्रकार के पूँजी की जरुरत होगी। पहला अगर खुद की जमीन है तो बहुत अच्छी बात है अगर नहीं है तो जगह किराये पर लेने के लिए, दूसरा मशीन खरीदने के लिए और तीसरा कच्चा माल खरीदने के लिए। यदि यहाँ पर मशीन के कुल कीमत की बात करें तो लगभग 5 से 7 लाख की लागत आएगी। जमीन किराये पर लेने के लिए और कच्चा माल खरीदने के लिए लगभग 3 लाख रूपये की और आवश्यकता होगी इस प्रकार से आपको कुल मिलाकर लगभग 10 लाख रुपयों की जरुरत पड़ेगी।

यदि कोई उद्दमी छोटे स्केल पर Rice mill udyog को स्टार्ट करना चाहता है तो mini rice mill machine लेकर शुरू कर सकता है जिसमे उद्दमी का investment लगभग 1 लाख रूपये का आएगा। मिनी राइस मिल मशीन लगभग 40 हजार रूपये से शुरू होता है दोस्तों यदि उद्दमी लार्ज स्केल पर इस बिजनेस की शुरुआत करता है तो लगभग 1 लाख रुपया महीना या इससे ज्यादा भी कमा सकता है। अब ये उद्दमी के ग्राहक और उसके बिक्री पर निर्भर करता है साथ ही यदि कोई मिनी राइस मिल मशीन से इस बिजनेस की शुरुआत करता है तो 10 से 15 हजार की इनकम कर सकता है।

राइस मिल बिजनेस के लिए ऋण

इस प्रकार के उद्योग को लगाने के लिए आप PMEGP (प्रधानमंत्री एम्प्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम) के तहत 10 लाख से लेकर 25 लाख तक का लोन ले सकते हैं। ओपन केटेगरी के अंतर्गत भारत का यदि कोई बेरोजगार व्यक्ति उद्योग लगाता है तो इस प्रकार के व्यापार को शुरू करने के लिए 10% खुद वहन करना पड़ता है और 90% सरकार लोन के रूप में मुहैया कराती है साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लिए 25% और यदि शहरी क्षेत्र में शुरू करता है तो 15% की subsidy सरकार के तरफ से दी जाती है।

इसके अलावा यदि बेरोजगार व्यक्ति स्पेशल केटेगरी यानी (OBC, SC, ST) aur ex. serviceman की श्रेणी में आता है और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार शुरू करता है तो उसे 35% और शहरी क्षेत्र में शुरू करने पर 25% की subsidy दी जाती है तथा इस श्रेणी में आने पर 5% पैसा खुद लगाना पड़ता है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आप ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

चावल के व्यापार के लिए जरूरी लाइसेंस

Rice mill manufacturing business शुरू करने के लिए ये आवश्यक है कि आप जरूरी लाइसेंस लेकर ही बिजनेस की शुरुआत करें, ताकि बाद में आपके बिजनेस में कोई कानूनी अड़चन न आने पाए इस बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने के लिए निम्न लाइसेंस व पंजीकरण की आवश्यकता होगी –

चावल के व्यापार को कैसे बढ़ाएं ?

किसी भी व्यापार को शुरू करने के बाद प्रोडक्ट को बना लेना शाबाशी नहीं होती बल्कि उस प्रोडक्ट को कितने लोग खरीद रहे हैं ये important होता है। इसलिए अपने व्यापार को बढाने के लिए जगह-जगह पोस्टर बैनर लगवाएं। तमाम सोशल मीडिया पर ads दे सकते हैं। अपने आस-पास के किराना शॉप, होटल, ढाबा आदि पर अपने प्रोडक्ट के samples दिखाएँ चूँकि आपका बिजनेस नया है इसलिए आप अपने ग्राहकों को बीच-बीच में उपहार भी दे सकते हैं इसके अलावा बिक्री बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के मार्केटिंग स्ट्रेटेजी को भी अपना सकते हैं।

चावल के व्यापार में आने वाली कठिनाइयाँ

चावल के व्यापार को शुरू करने पर उद्दमी को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है –

  • चूँकि ये प्लांट काफी बड़ा है इसलिए उद्दमी को मशीन लगाने के लिए जमीन किराये पर लेना पड़ सकता है।
  • इस बिजनेस का प्लांट काफी बड़ा है जिससे उद्दमी को लोन लेना पड़ सकता है।
  • यदि उद्दमी चाहता है कि प्रोडक्शन सही तरीके से हो तो व्यवसायी को मशीनों के maintenance का ध्यान रखना होता है जिसमे काफी खर्चा आता है।
  • चावल उद्योग का व्यापार करने के लिए उद्दमी को trained कर्मचारी की आवश्यकता होगी यदि कोई trained कर्मचारी नहीं है तो उसे ट्रेनिंग दिलवाना होगा जिसका भी काफी खर्चा आ जाता है।
  • चूँकि ये व्यापार काफी बड़ा है जिसमे प्रोडक्शन भी ज्यादा होगा इसलिए सेल्लिंग करने के लिए marketing executive की भी आवश्यकता होगी।
  • धान और चावल को store करने के लिए एक बड़ा सा गोदाम भी बनवाना पड़ सकता है।

निष्कर्ष

दोस्तों किसी भी बिजनेस को स्टार्ट करने से पहले उस बिजनेस से रिलेटेड सारी जानकारी लेना आवश्यक है इसलिए Rice Mill Business शुरू करने से पहले किसी फैक्ट्री में जाकर जानकारी ले लेना चाहिए या अपने किसी नजदीकी व्यक्ति को उस फैक्ट्री में कुछ दिन तक नौकरी कर लेनी चाहिए। दोस्तों उम्मीद करता हूँ की ये आर्टिकल आप लोगों को पसंद आया होगा यदि ऐसे ही नए-नए लेख को आप पढना चाहते हैं तो आप हमारे इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करियेगा धन्यवाद।

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